राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ और रेगिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ दोनों à¤à¤• दूसरे से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हà¥à¤ हैं। लेकिन जब आप बांसवाड़ा जाते हैं, तो à¤à¤• बात निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ है कि आप खà¥à¤¦ को यह सवाल करते हà¥à¤ पाà¤à¤‚गे कि यह हरा सà¥à¤µà¤°à¥à¤— राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ की छवि में कैसे फिट बैठता है। परंपरागत रूप से राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ विशाल थार रेगिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है। à¤à¤¸à¥‡ में सवाल उठना सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है कि राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के इस इलाके में इतनी हरियाली कैसे है? लेकिन, बांसवाड़ा आपकी तमाम धारणाओं के अलगे है। राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के दकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€ à¤à¤¾à¤— में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ बांसवाड़ा गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ और मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के साथ अपनी सीमाओं को साà¤à¤¾ करता है।
बांसवाड़ा ने अपने हरे-à¤à¤°à¥‡ जंगलों, पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक à¤à¤°à¤¨à¥‡ और सà¥à¤°à¤®à¥à¤¯ परिदृशà¥à¤¯ के कारण राजà¥à¤¯ के सबसे हरे à¤à¤°à¥‡ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• के रूप में अपनी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ की है। इसे राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ का चेरापूंजी à¤à¥€ कहा जाता है। बांसवाड़ा का पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक सौंदरà¥à¤¯ इसका सबसे बड़ा आकरà¥à¤·à¤£ है। सà¥à¤‚दर नजारे, à¤à¤°à¤¨à¥‡ और शांत à¤à¥€à¤²à¥‡à¤‚ इस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को सà¥à¤¶à¥‹à¤à¤¿à¤¤ करती हैं।
माही नदी शहर से होकर बहती है और आसपास के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में कई बांध और जलाशय हैं, जो यहां के आकरà¥à¤·à¤£ को बढ़ाते हैं। लेकिन बांसवाड़ा सिरà¥à¤« पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक सà¥à¤‚दरता के लिठही नहीं जाता है। यह à¤à¤• समृदà¥à¤§ à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• विरासत à¤à¥€ समेटे हà¥à¤ है। यह शहर à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤²à¥‹à¤‚ जैसे बांसवाड़ा गढ़ या बांसवाड़ा किले का घर है, जो 16 वीं शताबà¥à¤¦à¥€ का à¤à¤• राजसी किला है।
बांसवाड़ा संसà¥à¤•ृति और परंपरा में डूबा हà¥à¤† शहर है। यह à¤à¤• समृदà¥à¤§ धारà¥à¤®à¤¿à¤• विरासत का दावा करता है। इसके कई मंदिरों में शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¥‡à¤¯ तà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤°à¤¾ सà¥à¤‚दरी मंदिर à¤à¤• विशेष सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ रखता है, जो दूर-दूर से à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ को आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करता है। तà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤°à¤¾ सà¥à¤‚दरी मंदिर देवी तà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤°à¤¾ सà¥à¤‚दरी को समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ है, जो देवी पारà¥à¤µà¤¤à¥€ का à¤à¤• अवतार है। बांसवाड़ा से लगà¤à¤— 25 किलोमीटर दूर तà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤°à¤¾ सà¥à¤‚दरी मंदिर शहर में à¤à¤• पहाड़ी के ऊपर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है। यह पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ मंदिर इस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ तीरà¥à¤¥ सà¥à¤¥à¤² है।
साहसिक और उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¥€ परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों के लिठबांसवाड़ा ठेठरेगिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ सफारी से परे बाहरी गतिविधियों की à¤à¤• विविध शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। आसपास की पहाड़ियां और जंगल टà¥à¤°à¥ˆà¤•िंग के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ अवसर पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं, जिसमें पगडंडियां हैं जो हरियाली से होकर जाती हैं और मनोरम दृशà¥à¤¯ पेश करती हैं। लंबी पैदल यातà¥à¤°à¤¾ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¥€ लोगों को तलाशने के लिठकई मारà¥à¤— मिलेंगे, जिनमें से पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• अपनी अनूठी चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की पेशकश करेगा, कोमल सैर से लेकर अधिक जोरदार चढ़ाई तक।
इसके अलावा बांसवाड़ा में शिविर लगाना à¤à¤• लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ है, जिससे परà¥à¤¯à¤Ÿà¤• कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक सà¥à¤‚दरता में खà¥à¤¦ को विसरà¥à¤œà¤¿à¤¤ कर सकते हैं। कई शिविर सà¥à¤°à¤®à¥à¤¯ सेटिंगà¥à¤¸ के बीच सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हैं, जो बाहरी रोमांच के लिठà¤à¤• आदरà¥à¤¶ आधार पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं। चाहे à¤à¤• शांत à¤à¥€à¤² के किनारे डेरा डाले हà¥à¤, à¤à¤• à¤à¤°à¤¨à¥‡ के बगल में, या à¤à¤• सà¥à¤‚दर पहाड़ी के ऊपर, आगंतà¥à¤• बरà¥à¤¡à¤µà¥‰à¤šà¤¿à¤‚ग, सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤—ेजिंग या सितारों से जगमगाते आकाश के नीचे अलाव का आनंद लेने जैसी गतिविधियों में शामिल होते हà¥à¤ पà¥à¤°à¤•ृति की शांति का अनà¥à¤à¤µ कर सकते हैं।
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