à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ जगह है जहां आपको कई अति पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ और गूढ़-अलौकिक रहसà¥à¤¯ से à¤à¤°à¥‡ मंदिर देखने को मिलेंगे। इनमें से à¤à¤• गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सà¥à¤¤à¤‚à¤à¥‡à¤¶à¥à¤µà¤° महादेव मंदिर है। यह à¤à¤—वान शिव को समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ है। à¤à¤• चीज जो इस मंदिर को अलग करती है, वह है इसका गायब होना। यह रोजाना दो बार होता है। यही कारण है कि इसे 'गायब मंदिर' या 'लॉसà¥à¤Ÿ टेमà¥à¤ªà¤²' à¤à¥€ कहा जाता है।
गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ के जंबूसर में कवि कमà¥à¤¬à¥‹à¤ˆ गांव में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ मंदिर की जड़ों का पता à¤à¤—वान कारà¥à¤¤à¤¿à¤•ेय के नेतृतà¥à¤µ वाले देवों से लगाया जा सकता है। पौराणिक कथा के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, शिव पà¥à¤¤à¥à¤° कारà¥à¤¤à¤¿à¤•ेय ने तारकासà¥à¤° पर विजय पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के बाद सà¥à¤¤à¤‚à¤à¥‡à¤¶à¥à¤µà¤° महादेव लिंग की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ की थी। सà¥à¤•ंद पà¥à¤°à¤¾à¤£ में माही सागर संगम तीरà¥à¤¥à¤•à¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में देवों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ विशà¥à¤µà¤¾à¤¨à¤‚द नामक सà¥à¤¤à¤‚ठसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किठजाने का वरà¥à¤£à¤¨ है।
मंदिर के आसपास की मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤à¤‚ तारकासà¥à¤° की कहानी बताती हैं, जो à¤à¤• राकà¥à¤·à¤¸ और à¤à¤—वान शिव का उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¥€ à¤à¤•à¥à¤¤ है। अपने राकà¥à¤·à¤¸à¥€ सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ के बावजूद उनकी अटूट à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ ने à¤à¤—वान शिव को पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ किया। इसके बाद करà¥à¤£à¤¾à¤¨à¤¿à¤§à¤¾à¤¨ à¤à¤—वान शिव उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वरदान दिया।
तारकासà¥à¤° ने मृतà¥à¤¯à¥ रहित जीवन का वरदान मांगा। तारकासà¥à¤° ने इस शरà¥à¤¤ के साथ यह वरदान गà¥à¤°à¤¹à¤£ किया कि केवल à¤à¤—वान शिव का छह दिन का पà¥à¤¤à¥à¤° ही उनका जीवन समापà¥à¤¤ कर सकता है। तारकासà¥à¤° की कहानी का समापन à¤à¤—वान शिव की तीसरी आंख की लौ से à¤à¤—वान कारà¥à¤¤à¤¿à¤•ेय के अरà¥à¤µà¤¿à¤à¤¾à¤µ के साथ हà¥à¤†, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने तारकासà¥à¤° का वध किया। कà¥à¤› मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं से पता चलता है कि à¤à¤—वान कारà¥à¤¤à¤¿à¤•ेय, तारकासà¥à¤° को दंडित करते समय, उसकी à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हà¥à¤ थे। इसी से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ होकर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उस सà¥à¤¥à¤² पर à¤à¤• शिवलिंग सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया।
सà¥à¤¤à¤‚à¤à¥‡à¤¶à¥à¤µà¤° महादेव मंदिर के आसपास का रहसà¥à¤¯ इसके गायब होने के कारण और अधिक रोमांच पैदा करता है। यह समà¥à¤¦à¥à¤° के किनारे से कà¥à¤› मीटर की दूरी पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है। उचà¥à¤š जà¥à¤µà¤¾à¤° के दौरान मंदिर जलमगà¥à¤¨ हो जाता है, केवल कम जà¥à¤µà¤¾à¤° के दौरान फिर से पà¥à¤°à¤•ट होता है। यह घटना पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ दो बार होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि समà¥à¤¦à¥à¤° का सà¥à¤¤à¤° बढ़ता है और घटता है।
पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¾à¤¤à¥à¤µà¤¿à¤• रेकॉरà¥à¤¡ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मंदिर का गरà¥à¤à¤—ृह उचà¥à¤š जà¥à¤µà¤¾à¤° के दौरान पूरी तरह से जलमगà¥à¤¨ हो जाता है, जिससे पानी के ऊपर केवल मंदिर की ऊपरी संरचना दिखाई देती है। यह पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक घटना इस पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ पूजा सà¥à¤¥à¤² के आकरà¥à¤·à¤£ और विशिषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ को बढ़ाती है। दूर-दूर से आगंतà¥à¤• à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ को आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करती है जो इसके आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• महतà¥à¤µ और पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक चमतà¥à¤•ार से मोहित हैं।
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