बहà¥à¤¤ लोगों को à¤à¤¸à¤¾ लगता है कि चूकि योग का जनà¥à¤® à¤à¤¾à¤°à¤¤ में हà¥à¤† है इसलिठआधà¥à¤¨à¤¿à¤• à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ तो योग करता ही होगा। लेकिन ये बात पूरी तरह से सतà¥à¤¯ नहीं है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ में कà¥à¤› à¤à¤• तबका ही योग का दीवाना रहा है। दरअसल, à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने अपनी इस महान विरासत को à¤à¤• तरह से किनारे कर दिया था। à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पीà¤à¤® नरेंदà¥à¤° मोदी के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ से पूरे विशà¥à¤µ में आज योग दिवस मनाया जाता है। सच तो ये है कि इसके बाद से बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ ने à¤à¥€ योग को अपनना शà¥à¤°à¥‚ किया। इसके बाद कोराना महामारी ने योग की जरूरत से सबको परिचित करा दिया।
Photo by Jose Vazquez / Unsplash
अब à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ ने योग सीखना और उसकी जरूरत महसूस करना शà¥à¤°à¥‚ कर दिया है। पहले की अवधि के दौरान à¤à¤¾à¤°à¤¤ में आरà¥à¤¥à¤¿à¤• और अनà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¤¸à¥€ थीं कि योग का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करना पड़ता था, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ बहà¥à¤¤ समृदà¥à¤§ था। इसे 'सोने की चिड़िया' के नाम से जाना जाता था। लेकिन आज अमेरिका को सोने की चिड़िया के नाम से जाना जाता है। आज जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नौकरी, करियर और अपना à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ बनाने के लिठअमेरिका जाने का सपना देखते हैं। पहले à¤à¤• समय था जब पशà¥à¤šà¤¿à¤® और मधà¥à¤¯ पूरà¥à¤µ के लोग अवसरों के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ आते थे।
उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶, बिहार और बंगाल, दकà¥à¤·à¤¿à¤£ का कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° कà¤à¥€ ठीक वैसा ही था जैसे हम अब अवसरों के लिठखाड़ी देशों में जाते हैं। यही इस देश की दौलत और समृदà¥à¤§à¤¿ थी। नृतà¥à¤¯, नाटक, संगीत और कला से à¤à¤¾à¤°à¤¤ विकसित था। इससे आप समठसकते हैं कि इस देश में समाज और सामाजिक, राजनीतिक और धारà¥à¤®à¤¿à¤• संसà¥à¤•ृति बहà¥à¤¤ महान थी।
लेकिन समृदà¥à¤§à¤¿ के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प वे à¤à¥‹à¤— से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ थे और इसलिठसमय-समय पर विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ गà¥à¤°à¥à¤“ं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ योग विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ का पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° किया जाता था। सामाजिक, आरà¥à¤¥à¤¿à¤• और राजनीतिक संसà¥à¤•ृति पशà¥à¤šà¤¿à¤® में वही है जो लगà¤à¤— 2,000 या 2,500 साल पहले à¤à¤¾à¤°à¤¤ में थी। लेकिन अब à¤à¤¾à¤°à¤¤ में à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ ही हो रहा है। आरà¥à¤¥à¤¿à¤• तौर पर विकसित हो रहा à¤à¤¾à¤°à¤¤ तमाम तरह की सà¥à¤– सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं में à¤à¥€ कैद हो रहा है। और à¤à¥‹à¤— और सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं की यह अति चाहत तमाम तरह के रोग को जनà¥à¤® देती है। लेकिन à¤à¤¾à¤°à¤¤ और पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ देशों में à¤à¤• अंतर à¤à¥€ है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤• महान संसà¥à¤•ृति का देश रहा है। यहां का दरà¥à¤¶à¤¨ विराट है। पशà¥à¤šà¤¿à¤® के पास इसका अà¤à¤¾à¤µ है।
पशà¥à¤šà¤¿à¤® का मन à¤à¤• दारà¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤• शूनà¥à¤¯ है जो मानसिक रोगों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करता है, और इसलिठमनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ वहां बहà¥à¤¤ अधिक मौजूद हैं और à¤à¤¾à¤°à¤¤ में बहà¥à¤¤ कम है। यही कारण है कि पशà¥à¤šà¤¿à¤® में योग जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤µà¥€à¤•ारà¥à¤¯ हो रहा है। कहने का तातà¥à¤ªà¤°à¥à¤¯ यह है कि योग का विकास समृदà¥à¤§à¤¿ से ही होता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥à¤– सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤à¤‚, लिपà¥à¤¸à¤¾ शरीर को à¤à¤¸à¥‡ मà¥à¤•ाम पर ले जाती हैं, जहां उसका निदान सिरà¥à¤« योग ही कर सकता है। योग à¤à¤•मातà¥à¤° à¤à¤¸à¥€ चीज है जिसका आप अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ कर सकते हैं। ताकि आपके शरीर के à¤à¥€à¤¤à¤° गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾, वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं में सà¥à¤§à¤¾à¤° हो सके। और मानसिक तल पर à¤à¥€ मजबूत हà¥à¤† जा सके।
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