शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ हिमालय की गोद में बसा सिकà¥à¤•िम समृदà¥à¤§ सांसà¥à¤•ृतिक विरासत और खूबसूरत मठों को अपनी बाहों में समेटे हà¥à¤ है। यह सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ मठों का घर है जो वासà¥à¤¤à¥à¤¶à¤¿à¤²à¥à¤ª के नजरिये से आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤œà¤¨à¤• होने के साथ ही आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• तौर पर बहà¥à¤¤ ही महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हैं। सिकà¥à¤•िम में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ ये पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ मठà¤à¤¾à¤°à¤¤ की समृदà¥à¤§ धारà¥à¤®à¤¿à¤• और सांसà¥à¤•ृतिक विरासत की à¤à¤²à¤• पेश करते हैं। अगर आप सिकà¥à¤•िम जाने का पà¥à¤²à¤¾à¤¨ बना रहे हैं तो आपको यहां के पांच गौरवशाली पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ मठों के बारे में जरूर जानना चाहिà¤à¥¤
रà¥à¤®à¤Ÿà¥‡à¤• मठ: इस मठको धरà¥à¤® चकà¥à¤° केंदà¥à¤° के रूप में à¤à¥€ जाना जाता है। यह सिकà¥à¤•िम की राजधानी गंगटोक के पास सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ और सबसे बड़े मठों में से à¤à¤• है। रà¥à¤®à¤Ÿà¥‡à¤• मठतिबà¥à¤¬à¤¤à¥€ बौदà¥à¤§ के कागà¥à¤¯à¥‚ वंश की गदà¥à¤¦à¥€ है। यह मूरà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, थांगका और धारà¥à¤®à¤¿à¤• गà¥à¤°à¤‚थों जैसी असंखà¥à¤¯ पवितà¥à¤° कलाकृतियों का घर है।
पेमायंगतà¥à¤¸à¥‡ मठ: यह मठपशà¥à¤šà¤¿à¤® सिकà¥à¤•िम में पेलिंग के करीब है। यह सिकà¥à¤•िम और à¤à¤¾à¤°à¤¤ में सबसे पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ मठों में से à¤à¤• है जो 17 वीं शताबà¥à¤¦à¥€ के इतिहास में वापस ले जाता है। यह तिबà¥à¤¬à¤¤à¥€ बौदà¥à¤§ धरà¥à¤® के निंगà¥à¤®à¤¾ संपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯ से संबंधित है। आगंतà¥à¤• माउंट खांगचेनà¥à¤¦à¥‹à¤‚गा सहित आसपास के पहाड़ों के कà¥à¤› आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤œà¤¨à¤• नजारों का आनंद ले सकते हैं, जो दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की तीसरी सबसे ऊंची चोटी à¤à¥€ है।
ताशीडिंग मठ: पशà¥à¤šà¤¿à¤® सिकà¥à¤•िम में राथोंग और रंगित नदियों के बीच à¤à¤• पहाड़ी की चोटी पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ इस मठको सिकà¥à¤•िम के सबसे पवितà¥à¤° मठों में गिना जाता है। à¤à¤¸à¤¾ कहा जाता है कि इसे 17वीं शताबà¥à¤¦à¥€ में बनाया गया था और यह अपने पवितà¥à¤° सà¥à¤¤à¥‚प के लिठजाना जाता है। इसके बारे में मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ है कि यह पापों को शà¥à¤¦à¥à¤§ करता है।
à¤à¤‚चेय मठ: गंगटोक के सामने à¤à¤• पहाड़ी की चोटी पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ यह मठसिकà¥à¤•िम के सबसे पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ मठों में से à¤à¤• है। यह 19वीं शताबà¥à¤¦à¥€ का माना जाता है। यह तिबà¥à¤¬à¤¤à¥€ बौदà¥à¤§ धरà¥à¤® के निंगà¥à¤®à¤¾ संपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯ से संबंधित है और अपनी आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤œà¤¨à¤• वासà¥à¤¤à¥à¤•ला, जटिल à¤à¤¿à¤¤à¥à¤¤à¤¿ चितà¥à¤°à¥‹à¤‚ और चाम नामक सालाना धारà¥à¤®à¤¿à¤• नृतà¥à¤¯ उतà¥à¤¸à¤µ के लिठजाना जाता है।
फोडोंग मठ: 18 वीं शताबà¥à¤¦à¥€ में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ उतà¥à¤¤à¤°à¥€ सिकà¥à¤•िम में यह मठअपनी सà¥à¤‚दरता के लिठपà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ है। यह तिबà¥à¤¬à¤¤à¥€ बौदà¥à¤§ धरà¥à¤® के कागà¥à¤¯à¥‚ संपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯ से संबंधित है और इसमें पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ à¤à¤¿à¤¤à¥à¤¤à¤¿ चितà¥à¤°à¥‹à¤‚, शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ और धारà¥à¤®à¤¿à¤• कलाकृतियों का à¤à¤• बड़ा संगà¥à¤°à¤¹ है।
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