जय शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® के नारे लगाते हà¥à¤ और हनà¥à¤®à¤¾à¤¨ चालीसा का पाठकरते हà¥à¤ 30 देशों के 90 पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ 400 से अधिक शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤²à¥à¤“ं ने अयोधà¥à¤¯à¤¾ में राम लला के दरà¥à¤¶à¤¨ किये। इस दौरान उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लोकसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी की अà¤à¥‚तपूरà¥à¤£ जीत की कामना à¤à¥€ की।
पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ के इस जतà¥à¤¥à¥‡ का नेतृतà¥à¤µ गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² à¤à¤¾à¤°à¤¤ के बà¥à¤°à¤¾à¤‚ड à¤à¤‚बेसडर, दिलà¥à¤²à¥€ सà¥à¤Ÿà¥à¤¡à¥€ गà¥à¤°à¥à¤ª के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· और दिलà¥à¤²à¥€ से à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ के पूरà¥à¤µ विधायक डॉ. विजय जौली ने किया। सà¤à¥€ शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤²à¥à¤“ं को रामनामी दà¥à¤ªà¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¾ ओà¥à¤¾à¤•र और माथे पर चंदन का तिलक लगाकर सà¥à¤µà¤¾à¤—त किया गया। इससे पहले सà¤à¥€ शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤²à¥à¤“ं ने सरयू नदी के घाट पर आरती और पूजा की। बाद में हनà¥à¤®à¤¾à¤¨ गà¥à¥€ मंदिर जाकर राम à¤à¤•à¥à¤¤ बजरंगबली का आशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦ à¤à¥€ लिया।
इस अवसर पर शà¥à¤°à¥€ राम जनà¥à¤®à¤à¥‚मि तीरà¥à¤¥ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के महासचिव चंपत राय, राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवक संघ के संपरà¥à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– राम लाल, विशà¥à¤µ हिनà¥à¤¦à¥‚ परिषद के संरकà¥à¤·à¤• दिनेश चंदà¥à¤°, पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ समà¥à¤®à¤¾à¤¨ से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ उजà¥à¤¬à¥‡à¤•िसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¥€ अशोक के. तिवारी और हिमालय परिवार के महामंतà¥à¤°à¥€ à¤à¥‚पेंदà¥à¤° कंसल विशेष रूप से उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ रहे। सबको चंपत राय का मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤
शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤²à¥à¤“ं में पà¥à¤°à¤®à¥à¤– रूप से à¤à¥‚टान के राजदूत मेजर जनरल वेतà¥à¤¸à¥‹à¤ª नामगà¥à¤¯à¤¾à¤², काउंसलर दोरजिक किंजांग, ताइवान के à¤à¤¾à¤°à¤¤ में राजदूत की सहायक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿ कà¥à¤®à¤¾à¤°à¥€ तà¥à¤¸à¤¾à¤ˆ जेन चà¥à¤¨, à¤à¤¾à¤°à¤¤ में रोमानिया के महावाणिजà¥à¤¯ दूत विजय मेहत, टà¥à¤µà¤¾à¤²à¥ के महावाणिजà¥à¤¯ दूत डॉ. दीपक जैन और निरà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¤ तिबà¥à¤¬à¤¤à¥€ संसद के सà¥à¤ªà¥€à¤•र खेंपो सोनम तेनफेल शामिल थे।
रामलला के दरà¥à¤¶à¤¨ करने वाले पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ में आसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾, बà¥à¤°à¥à¤¨à¥‡à¤ˆ, à¤à¥‚टान, कनाडा, कोलंबिया, कंबोडिया, जॉरà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾, गà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤¾, केनà¥à¤¯à¤¾, कजाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨, मलेशिया, मोजामà¥à¤¬à¤¿à¤•, मकाऊ, नाइजीरिया, नेपाल, नॉरà¥à¤µà¥‡, रोमानिया, रवांडा, सà¥à¤ªà¥‡à¤¨, सिंगापà¥à¤°, सिंट मारà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨, ताइवान, ताजिकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨, तà¥à¤°à¤¿à¤¨à¤¿à¤¦à¤¾à¤¦ व टोबैगो, तà¥à¤µà¤¾à¤²à¥, तिबà¥à¤¬à¤¤, यà¥à¤—ांडा, यूनाइटेड किंगडम, संयà¥à¤•à¥à¤¤ अरब अमीरात, उजà¥à¤¬à¥‡à¤•िसà¥à¤¤à¤¾à¤¨, अमेरिका आदि देशों के à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के नागरिक शामिल थे।
गौरतलब है कि पिछले वरà¥à¤· 23 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² को à¤à¥€ डॉ. जौली की पहल पर 156 देशों और 7 महादà¥à¤µà¥€à¤ªà¥‹à¤‚ की नदियों व समà¥à¤¦à¥à¤°à¥‹à¤‚ के जल से अयोधà¥à¤¯à¤¾ में राम मंदिर का जलाà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• किया गया था।
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