12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही à¤à¤¯à¤° इंडिया की फà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ AI-171 के à¤à¥€à¤·à¤£ हादसे ने पूरे देश को à¤à¤•à¤à¥‹à¤° कर रख दिया। टेकऑफ के कà¥à¤› ही मिनट बाद विमान मेघाणी नगर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ बीजे मेडिकल कॉलेज हॉसà¥à¤Ÿà¤² मेस पर दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो गया, जिससे 242 लोगों में से केवल à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ही जीवित बचा। इस तà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¦à¥€ ने न केवल जान-माल का à¤à¤¾à¤°à¥€ नà¥à¤•सान किया, बलà¥à¤•ि हवाई यातà¥à¤°à¤¾ की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ को लेकर आम जनता के विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ को à¤à¥€ गहरी चोट पहà¥à¤‚चाई है।
हादसे का पूरा घटनाकà¥à¤°à¤®
विमान ने दोपहर 1:39 बजे रनवे 23 से उड़ान à¤à¤°à¥€ थी। कपà¥à¤¤à¤¾à¤¨ सà¥à¤®à¤¿à¤¤ सà¤à¤°à¤µà¤¾à¤², जिनके पास 8,200 घंटे की उड़ान का अनà¥à¤à¤µ था, विमान उड़ा रहे थे। फरà¥à¤¸à¥à¤Ÿ ऑफिसर कà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤µ कà¥à¤‚दर के पास 1,100 घंटे का अनà¥à¤à¤µ था। उड़ान à¤à¤°à¤¨à¥‡ के तà¥à¤°à¤‚त बाद 'मेडे कॉल' (Mayday Call) दी गई, लेकिन इसके बाद à¤à¤¯à¤° टà¥à¤°à¥ˆà¤«à¤¿à¤• कंटà¥à¤°à¥‹à¤² से कोई संपरà¥à¤• नहीं हो पाया। ‘मेडे कॉल’ हवाई संकट में पायलट दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दी जाने वाली आपातकालीन सूचना होती है, जिसमें “Mayday” शबà¥à¤¦ को तीन बार बोला जाता है।
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