अपनी तरह की पहली किताब "इकोज ऑफ द साइलेंसà¥à¤¡" में पिछली सदी में दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के 12 कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ से वैशà¥à¤µà¤¿à¤• हिंदू उतà¥à¤ªà¥€à¤¡à¤¼à¤¨ की कहानियां शामिल हैं। इस किताब का विमोचन द अमेरिकन हिंदू (TAH) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ 20 जून को वाशिंगटन, डी.सी. में कैपिटल हिल पर रेबरà¥à¤¨ फ़ोयर में किया गया। TAH, à¤à¤• हिंदू यà¥à¤µà¤¾ पहल है, जो हिंदू अमेरिकी यà¥à¤µà¤¾à¤“ं के नेतृतà¥à¤µ वाली à¤à¤• मलà¥à¤Ÿà¥€à¤®à¥€à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤•ाशन संसà¥à¤¥à¤¾ है जिसका उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ हिंदू संसà¥à¤•ृति, दरà¥à¤¶à¤¨ और इतिहास को वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• दरà¥à¤¶à¤•ों के लिठसà¥à¤²à¤ और आकरà¥à¤·à¤• बनाना है।
इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में उतà¥à¤ªà¥€à¤¡à¤¼à¤¨ से बचे लोगों, कलाकारों, यà¥à¤µà¤¾ लेखकों और पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सामà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• नेताओं को सà¥à¤®à¤°à¤£, गवाही और सांसà¥à¤•ृतिक लचीलेपन की à¤à¤• शाम के लिठà¤à¤• साथ लाया गया।
कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ द अमेरिकन हिंदू की पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ संपादक चारॠचतà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¥€ की टिपà¥à¤ªà¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से हà¥à¤ˆ, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• के पीछे की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ का परिचय दिया।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने हिंदू यà¥à¤µà¤¾à¤“ं को सशकà¥à¤¤ बनाने के महतà¥à¤µ के बारे में बात की ताकि यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ किया जा सके कि हाशिठपर पड़े लोगों की कहानियों को गरिमा और सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ के साथ संरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ किया जा सके।
उनकी टिपà¥à¤ªà¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बाद, योगदानकरà¥à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤µ पटेल ने इकोज ऑफ द साइलेंसà¥à¤¡ बनाने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का वरà¥à¤£à¤¨ किया, जिसमें शोध करना, साकà¥à¤·à¥à¤¯ à¤à¤•तà¥à¤° करना और मूल कलाकृति तैयार करना शामिल है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने साकà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने वाली पà¥à¤°à¤¬à¤² à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं के बारे में बात की।
शाम को छह वकà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने à¤à¤¾à¤— लिया, जिनमें पीड़ित, विदà¥à¤µà¤¾à¤¨ और संगठनातà¥à¤®à¤• नेता शामिल थे। गà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤¾ के अमेरिकी ईशà¥à¤µà¤° रामनारायण जैसे उतà¥à¤ªà¥€à¤¡à¤¼à¤¨ के शिकार लोगों के वंशजों से लेकर खà¥à¤¦ पीड़ित लोग तक शामिल थे। बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶à¥€ मानवाधिकार अधिवकà¥à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ साहा ने अपनी निजी यातà¥à¤°à¤¾ साà¤à¤¾ की। "मैं चेक-इन बैग लेकर 3 दिनों के लिठअमेरिका आई थी। मैं 6.5 साल से घर नहीं गई।" उनके शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ ने हिंदू विरोधी हिंसा की चल रही कीमत और जागरूकता बढ़ाने के लिठलगातार ज़रूरी ताकत को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¯à¤¾à¥¤
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login