इन दिनों जहां देखो, आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² इंटेलिजेंस यानी à¤à¤†à¤ˆ का बोलबाला है। हर कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में à¤à¤†à¤ˆ नà¤-नठपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ कर रहा है। तकनीक के इस नठयà¥à¤— के लिठदà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के देश कितने तैयार हैं, इसे लेकर अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ कोष (आईà¤à¤®à¤à¤«) ने à¤à¤• खास इंडेकà¥à¤¸ जारी किया है।
मीडिया रिपोरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² इंटेलिजेंस पà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥‡à¤¯à¤°à¥à¤¡à¤¨à¥‡à¤¸ इंडेकà¥à¤¸ (AIPI) डैशबोरà¥à¤¡ में 174 देशों को उनकी à¤à¤†à¤ˆ रेडीनेस के हिसाब से जगह दी गई है। इस इंडेकà¥à¤¸ में चार कैटिगरी बनाई गई हैं- à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‚स इकोनमी (AE), उà¤à¤°à¤¤à¥‡ बाजार वाली अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ (EM) और निमà¥à¤¨-आय वाले देश (LIC)।
इस इंडेकà¥à¤¸ में सबसे ऊपर सिंगापà¥à¤° है, जिसे à¤à¤†à¤ˆ रेडीनेस में 0.80 रेटिंग दी गई है। उसके बाद डेनमारà¥à¤• (0.78), अमेरिका (0.77), नीदरलैंडà¥à¤¸ (0.76) और à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ (0.75) को टॉप-5 à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‚स इकोनमी शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में रखा गया है।
इस इंडेकà¥à¤¸ में à¤à¤¾à¤°à¤¤ को 0.49 रेटिंग के साथ ईà¤à¤® यानी उà¤à¤°à¤¤à¥€ हà¥à¤ˆ अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के रूप में वरà¥à¤—ीकृत किया गया है। कà¥à¤² 174 देशों के इस इंडेकà¥à¤¸ में à¤à¤¾à¤°à¤¤ 72वें सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर है। बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ (0.38) 113 नंबर पर, शà¥à¤°à¥€à¤²à¤‚का (0.43) 92वें सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर और चीन (0.63) 31 नंबर पर है।
इस इंडेकà¥à¤¸ में हर देश को चार पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ के आधार पर रेटिंग दी गई है। ये हैं- डिजिटल इनà¥à¤«à¥à¤°à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤šà¤°, मानव पूंजी, शà¥à¤°à¤® बाजार नीतियां और नवाचार, आरà¥à¤¥à¤¿à¤• à¤à¤•ीकरण व रेगà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ में ततà¥à¤ªà¤°à¤¤à¤¾à¥¤
à¤à¤¾à¤°à¤¤ को इनोवेशन à¤à¤µà¤‚ इकोनमिक इंटीगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ में इंडोनेशिया के बराबर 0.11 अंक दिठगठहैं लेकिन ये चीन के 0.15, सिंगापà¥à¤° के 0.18, यूके के 0.16 और अमेरिका के 0.18 अंकों से कम हैं। रेगà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤‚स और à¤à¤¥à¤¿à¤•à¥à¤¸ के मामले में à¤à¤¾à¤°à¤¤ और चीन का सà¥à¤•ोर à¤à¤•जैसा 0.15 है। ये दोनों ही सिंगापà¥à¤° (0.22), इंडोनेशिया (0.16), यूके (0.21) और अमेरिका (0.22) से पीछे हैं।
इस साल की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में आईà¤à¤®à¤à¤« ने अपने रिसरà¥à¤š पेपर के आधार पर à¤à¤• बà¥à¤²à¥‰à¤— पबà¥à¤²à¤¿à¤¶ किया था। इसमें कहा गया था कि à¤à¤†à¤ˆ की वजह से à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‚स अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ वाले देशों में 33 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ नौकरियां खतरे में आ सकती हैं। इसी तरह उà¤à¤°à¥€ अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤“ं में 24 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤, कम आय वाले देशों में 18 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ नौकरियों पर संकट छा सकता है। कà¥à¤² मिलाकर पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में 40 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ नौकरियां à¤à¤†à¤ˆ की वजह से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकती हैं।
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