करीब à¤à¤• दशक के लंबे इंतजार के बाद दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में मशहूर आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• गà¥à¤°à¥, बेसà¥à¤Ÿà¤¸à¥‡à¤²à¤¿à¤‚ग किताबों के लेखक और वैशà¥à¤µà¤¿à¤• मानवतावादी संत राजिंदर सिंह जी महाराज टोरंटो में आयोजित à¤à¤• कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में शामिल होने आ रहे हैं। इसका मकसद ये है कि खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ फैलाई जा सकें, आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• जà¥à¤žà¤¾à¤¨ दिया जा सके और समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ के बीच संबंधों को बढ़ावा दिया जा सके। यह बहà¥à¤ªà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® टोरंटो और गà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤° टोरंटो à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ (GTA) के निवासियों को उनकी परिवरà¥à¤¤à¤¨à¤•ारी शिकà¥à¤·à¤¾à¤“ं का पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· अनà¥à¤à¤µ करने का à¤à¤• असाधारण अवसर है।
विà¤à¤¾à¤œà¤¨, तनाव और रोजाना की चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¥€ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में आंतरिक शांति और संतोष की तलाश और à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मजबूत हो गई है। 29 जून को शाम 4 बजे होने वाले पहले कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में संत राजिंदर सिंह 'मेडिटेट टू à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤‚स सà¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤šà¥à¤…ल लव' के तहत अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में लोगों से सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• तौर पर संवाद करेंगे। इसके बाद 30 जून को दोपहर 3 बजे à¤à¤• हिंदी सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• संवाद (अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ अनà¥à¤µà¤¾à¤¦ के साथ) का आयोजन होगा। इसमें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ के लिठगहन निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ शामिल होंगे। दोनों कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® डेलà¥à¤Ÿà¤¾ होटलà¥à¤¸ टोरंटो à¤à¤¯à¤°à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ में आयोजित किठजाà¤à¤‚गे।
इसके बाद शाम में आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• उतà¥à¤¥à¤¾à¤¨ का कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® होगा। इसमें सà¤à¥€ वरà¥à¤—ों के लोग, चाहे उनकी उमà¥à¤°, सांसà¥à¤•ृतिक परंपरा या लिंग कà¥à¤› à¤à¥€ हो शामिल हो सकते हैं। इस दौरान à¤à¤• सरल लेकिन शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ तकनीक का परिचय दिया जाà¤à¤—ा। राजिंदर सिंह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के माधà¥à¤¯à¤® से शांति, पà¥à¤°à¥‡à¤® और आनंद के आंतरिक कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° तक पहà¥à¤‚चने की वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• रूप से समरà¥à¤¥à¤¿à¤¤ विधि सिखाà¤à¤‚गे।
संत राजिंदर सिंह साइंस ऑफ सà¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤šà¥à¤…लिटी (Science of Spirituality) के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– के रूप में काम करते हैं। यह à¤à¤• वैशà¥à¤µà¤¿à¤•, गैर-लाà¤à¤•ारी, गैर-सांपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• संगठन है जो धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ के माधà¥à¤¯à¤® से जीवन को बदलने के लिठपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§ है। 50 देशों में 3,200 से अधिक केंदà¥à¤°à¥‹à¤‚ के साथ इस संगठन ने दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में लाखों लोगों को आंतरिक शांति खोजने में सहायता की है।
संत राजिंदर सिंह जी महाराज दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में यातà¥à¤°à¤¾ करते हैं। लोगों के अंदर आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• खजाने को उजागर करने के जà¥à¤žà¤¾à¤¨ को à¤à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ तकनीक के माधà¥à¤¯à¤® से पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं, जो शांति और खà¥à¤¶à¥€ के लिठहै। वे जोर देते हैं कि à¤à¤• शांतिपूरà¥à¤£ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ की पहली आधारशिला सà¥à¤µà¤¯à¤‚ से शà¥à¤°à¥‚ होता है। राजिंदर सिंह को आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤•ता, शांति और शिकà¥à¤·à¤¾ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में कई पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ारों और समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ से नवाजा गया है। इनमें पांच पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ से मानद डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤Ÿ की उपाधियां शामिल हैं। वह à¤à¤• बेसà¥à¤Ÿà¤¸à¥‡à¤²à¤¿à¤‚ग लेखक à¤à¥€ हैं। उनकी कई पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ें और पà¥à¤°à¤•ाशन 56 à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤“ं में अनà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤¤ हैं।
संत राजिंदर सिंह जी महाराज का कहना है कि धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में जो आनंद और खà¥à¤¶à¥€ हमें मिलती है, वो धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से बाहर निकलने के बाद à¤à¥€ हमारे साथ रहती है। यह अनà¥à¤à¤µ इतना शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ और गहराई से संतà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ देने वाला होता है कि यह हमें जीवन के दà¥à¤–ों और तकलीफों से पार पाने में मदद करता है। जीवन में हमारे साथ चाहे कà¥à¤› à¤à¥€ हो, हमारे अंदर अमृत का à¤à¤• à¤à¤°à¤¨à¤¾ है जिससे हम किसी à¤à¥€ समय पी सकते हैं।
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